shatarangi laheriyo
shatarangi laheriyo हाल के
दिनोमे एक राजस्थानी लोकगीत मेरे कानो मे गूँजता रहेता हे। गीत के शब्द तो अच्छे
हे पर उसका संगीत के साथ –साथ
जो वीडियो ग्राफी बहोत अच्छी की हे। ए साड़े
छ मिनिट का गीत हमे राजस्थान की सैर भी
कराता हे जी।
“ शतरंगी लहेरियों” युही ए प्रदेश हे वो धरती
धोरारी केवी जे । उण धोरों मे आटे रंगीन लहेरियों खूब आजकाल धूम मचावे। मारे थराद
शु ओनली फॉर 45 किमी आप गाड़ी दोड़ावों अतरामा तो सांचोर सिटी आववी जाय। सांचोर बडीया सिटी हे। गुजरातिया को खाने
के साथ कुछ रंगीन पाणी पीणा वे तो भी बड़ा अच्छा ओर नजदीकी स्थल हे। अटे मोरा लोग
आवी जाय, अतरे एम सम्माजी बेठे जाणे यूरोप
आवी गिया। माँ ओर आतमा से बिलकुल फ्री हो जावे।
आदमीरों मिजाज रंगीन हो जावे। एडा रंगीन मिजाज मे जो राजस्थानी मधूर गीत सुणले अतरामा माँ तो वो कोई ओर दुनिया मे हो ऐसा उसको
दिखाने लागे।
मेरी बात करू तो मुजे राजस्थान से बहोत लगाव । उनका इतिहास,संगीत, लोक बोली पहेर्वेश, मिठड़ा मानवी,
बड़े- बड़े किल्ले, राजमाहेल.... ओर भी कई बाते हे जो हरपल मुजे उसकी ओर आकर्षित करती रहती हे। ए जो गीत हे उसमे राजस्थान के दो प्रमुख सिटी
जोधपुर ओर जयपुर के चित्र ज़्यादातर दिखाई दे रहे हे , ये भी हो शकता हे की ए दोनों शहरको मई अच्छी तरह से जानता हु इस लिए उसके
चित्र मिजेज्यादा दिखाते हो । महेरान गढ़ को ड्रोन से बहोत बढ़िया फिल्माया गया हे। मेरी
द्रष्टि मे पंद्रहवी शताब्दी के भारत का
सबसे उत्कृष्ट महल हे। पृष्टभूमि
मे महेरान गढ़ दिखाता हो ओर सामने कालबेलिया डान्स करती नर्तकीया वाले गीत भी देखे
हे पर ए शतरंगी लहेरिया तो उससे भी
ज्यादा अच्छा लगता हे। छोटू सिंगजी रावत
ओर एंजेल स्टुडियो को मे ध्न्यवायद देता हु की उन्हों काफी सुंदर गीत दिया हे।
एक अच्छा
चित्रांकन कोई अद्भुत शीलपांकन की हुई छतेड़ी के नजदीक किया हे , ये छतेड़ी देखकर मुजकों भुज मे हमीरसर तालाब के नजदीक बनी
छतेड़ी याद आ गई। जो की 2001 मे आए भूकंप मे वो छतेड़ी नष्टप्राय हो गई हे। हवा महल
का रात ओर दिन का चित्रांकन मनोहर हे। जयपुर
के सिटी महल मे तो हम गीत के साथ-साथ
घूमते हे ऐसा प्रतीत होता हे ।
रंगीला राजस्थान को प्यार भरा सलाम के
साथ आप को भी शतरंगी लहेरिए की लिंक भेज रहा हु ..https://www.youtube.com/watch?v=Gdk-pY4xhvs...गीत को देखने के बाद कोई
अच्छी बात लगे तो मुजे कॉमेंट मे जरूर लिखना .... जय हिन्द
लेखन : कांतिलाल रूपाभाई परमार
31
मई 2018
समय
: सुबह 11:20
link: https://www.youtube.com/watch?v=Gdk-pY4xhvs

Beautiful...
ReplyDeleteaabhaar sir ji
ReplyDelete,👌
ReplyDeletethx
DeleteJi ha , sirji !!!
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