प्यारे दोस्तो,
              अप्रैल महिना आता हे ओर हम सब को  बाबा साहब की याद आ जाती हे । साल के बाकी दीनो मे हम सब क्या करते हे?  १४  अप्रैल का दिन मेरे नजरिए से तो राष्ट्र  चिंतन  का दिन हे.... आप अपने दिलमे  जांक कर देखे, हम सब होंगे, हमारा धर्म ओर विभिन्न जातिया भी होंगी, अगर हमारा लोकशाही राष्ट्र नहीं होंगा तो ये सब कोई माइना नहीं  रखते, मुग़लो के समय भी यही राष्ट्र था, यूरोपियनों के समय भी यही राष्ट्र था । इन दिनो मे हम इतना सीना तान कर चल शकते थे?
       सोचकर सोचे की हमारी जीवन राह हम सब मिलकर किस ओर ले जा रहे हे? राष्ट्र का हर मानव  अपने दिलो -दिमाग मे जो अच्छा हे वो राष्ट्र को  समर्पित करने का  ये दिन १४ अप्रैल हे।  हम आज के शुभ दिन हमारे अच्छे विचारो को अपने आचरण मे नहीं लाएँगे तो आने वाली पीढ़िया हमे कभी माफ नहीं करेगी। हम सब को मिलकर चोथर नेसड़ा से आगेका सोचना होगा, चोथरनेसड़ा मीन्स की हमारा घर , चोथारनेसड़ा से चंडीगढ़ ओर हरिपुरा से हस्तीनापुरका हमे सोचना होगा,अच्छे विचार जब आचरण मे आ जाते हे तब हो फूलो की तरह महेक उठते हे।
  बाबा साहब ने जो हमे संविधान दिया हे वो  एक महान  राष्ट्र निर्माण का मानचित्र हे, उसको साकार रूप मे लाने के लिए हर एक भारतीय को अपनी ओर से होने वाला महत्तम अच्छा प्रयास करना चाहिए।
     आज के शुभ दिन पर हम बाबा साहब भीमराव रामजी आंबेडकर जी को कोटी कोटी प्रणाम करते  हे।
      जय भीम
 जय भारत
     कांतिलाल रूपाभाई परमार
 १४ अप्रैल की पूर्व संध्या ।   

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